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अमेरिका और चीन के बीच सत्ता की लड़ाई का अखाड़ा बन रहा है पूर्वोत्तर भारत

मोदी को ट्रंप का अनोखा संदेश, असम में अमेरिकी दूत की मौजूदगी अशुभ संकेत
नित्य चक्रवर्ती - 2026-05-14 11:25 UTC
भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में हो रहे घटनाक्रमों पर वॉशिंगटन का ध्यान तेज़ी से बढ़ रहा है। इसकी वजह चीन की वे सुनियोजित चालें हैं जिनके ज़रिए वह बांग्लादेश और म्यांमार में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। ये दोनों देश भारत के राज्यों से सटे हुए हैं। 4 मई को बंगाल और असम चुनावों में भाजपा की जीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया अनोखा संदेश, और 12 मई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की सक्रिय भागीदारी — ये सभी पूर्वोत्तर में अमेरिकी हितों के बढ़ने के अशुभ संकेत हैं।

मितव्ययिता की प्रधानमंत्री की सलाह अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण खोने का संकेत

विपक्ष का यह कहना सही है कि मोदी शासन जवाबदेही से बचना चाहता है
टी एन अशोक - 2026-05-13 10:47 UTC
नई दिल्ली: जैसे-जैसे ईरान में युद्ध गहराता जा रहा है और आग की लपटें पश्चिम एशिया के ऊर्जा गलियारों में फैल रही हैं, भारत खुद को एक असहज सच्चाई का सामना करते हुए पा रहा है। इसकी आर्थिक कमजोरियां दूर समुद्री मार्ग से यात्रा करने वाले तेल टैंकरों से जुड़ी हुई हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, बाधित शिपिंग लेन, विमानन ईंधन की बढ़ती लागत, उर्वरक आयात पर आशंका और घबराए बाजारों ने नरेंद्र मोदी सरकार को संकट-प्रबंधन के मोड़ में धकेल दिया है।

ऊर्जा क्षेत्र के बदलावों के बीच भेल की बदलती दिशा

दो वर्षों की उपलब्धियों ने भेल के प्रति बढ़ाया भरोसा
राजु कुमार - 2026-05-12 11:55 UTC
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की भोपाल इकाई के हालिया वित्तीय और उत्पादन संबंधी आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र का यह उपक्रम पिछले कुछ वर्षों की चुनौतियों के बाद अपनी परिचालन स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में बदलती तकनीकों, निजी क्षेत्र की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऑर्डर आधारित बाजार व्यवस्था के बीच वित्त वर्ष 2025-26 के परिणाम बीएचईएल के लिए अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति की ओर इशारा करते हैं।

2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजे से क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका को झटका

आने वाले चुनावों में विपक्ष के मुकाबले भाजपा की स्थिति काफी मज़बूत
कल्याणी शंकर - 2026-05-12 11:18 UTC
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनावों में तीन प्रमुख मुख्यमंत्रियों को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे राजनीतिक क्षेत्र में कई लोग एक चुनौतीपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखते हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों को अपने-अपने राज्यों के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।

भारत ने 9 मई 2026 से सभी चार नयी श्रम संहिताएं लागू कीं

पूरी तरह से लागू करने के लिए अन्य संबंधित आदेश और नियम भी प्रकाशित किए
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-05-11 10:56 UTC
शुक्रवार, 8 मई, 2026 को 'मजदूरी संहिता, 2019' और 'औद्योगिक संबंध संहिता, 2020' के तहत अंतिम नियमों, और शनिवार, 9 मई, 2026 को 'सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020' और 'व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता, 2020' के तहत नियमों के प्रकाशन के साथ, भारत की केंद्र सरकार ने सभी चार नयी श्रम संहिताएं तरह से लागू कर दिए हैं। इनके अलावा, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इन संहिताओं को लागू करने से संबंधित अन्य आदेश और नियम भी अधिसूचित किए हैं।

एशियाई देशों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना अब एक बड़ा काम

चीन और भारत ने चुनौती का सामना करने के लिए उठाए कुछ खास कदम
कुणाल बोस - 2026-05-09 10:37 UTC
दुनिया भर के देशों के लिए खाद्य सुरक्षा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि दुनिया के दो सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश भारत और चीन में कृषि क्षेत्र का कार्यनिष्पादन कैसा होगा। दुनिया की 8.3 अरब आबादी में से, भारत में सबसे अधिक 1.48 अरब लोग रहते हैं, जिसके बाद चीन में 1.41 अरब लोग रहते हैं। अतीत इस बात का गवाह है कि जब भी इन दो बड़े एशियाई देशों में से किसी में भी मॉनसून की खराबी या किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से फ़सल उत्पादन में बड़ा झटका लगता था, तो पीड़ित देश खरीदारी के लिए दुनिया के बाज़ार में उतरता था और इस प्रक्रिया में कीमतें इतनी बढ़ जाती थीं कि अन्य आयातक देशों को भी नुकसान होता था।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 15 साल का कार्यकाल बदनामी के साथ खत्म हुआ

टीएमसी प्रमुख को भाजपा की ज़बरदस्त जीत की बड़ी ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी
अंजन रॉय - 2026-05-08 11:01 UTC
कोलकाता: ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री के तौर पर 15 साल का कार्यकाल बदनामी के साथ खत्म हो रहा है। परन्तु ऐसा होना ज़रूरी नहीं था। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने विधान सभा भंग कर दी है और इसके साथ ही अब ममता मुख्यमंत्री भी नहीं रहीं।

चुनाव में हार के बाद केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के सामने मुश्किल चुनौती

हार के सदमे से बाहर आकर सुधार की शुरुआत अभी से ही करने की आवश्यकता
पी. श्रीकुमारन - 2026-05-07 10:50 UTC
तिरुवनंतपुरम: किसी भी राजनीतिक पार्टी या गठबंधन की पहचान उसकी वह क्षमता होती है, जिससे वह विपरीत परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में मोड़ लेता है। केरल में सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के सामने भी ऐसा ही एक मौका आया है। 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार से यह गठबंधन पूरी तरह से हिल गया है।

दो क्षेत्रीय राजनीतिक स्तम्भों के ध्वस्त होने से कमजोर हुई भारतीय गणराज्य की लड़ाई

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा अपने केन्द्रीकृत एजेंडा के साथ भावी चुनावों के लिए तैयार
टी एन अशोक - 2026-05-06 10:30 UTC
भारत में 2026 के पांच राज्यों के विधान सभा चुनावों के नतीजों ने देश के राजनीतिक मानचित्र को एक ऐसी ताकत से बदल दिया है जिसकी उम्मीद बहुत कम लोगों ने की थी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में जो चुनाव एक सामान्य चक्र के तौर पर शुरू हुए थे, उनके नतीजे कुछ ज़्यादा ही अहम निकले, और वे हैं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्ता का मजबूत होना और साथ ही उन मज़बूत क्षेत्रीय राजनीतिक किलों में का ध्वस्त होना जो कभी भारत के गणराज्यीय राजनीतिक चरित्र को प्रकट करते थे।

विधानसभा चुनावों के नतीजे भाजपा के पूरे भारत में मज़बूत होने का संकेत

इंडिया गठबंधन को सही सबक सीखने होंगे और नई रणनीति बनानी होगी
नित्य चक्रवर्ती - 2026-05-05 10:24 UTC
सोमवार, 4 मई को आए पांच विधानसभा चुनावों के नतीजे पूरे भारत में भाजपा के और मज़बूत होने और विपक्षी इंडिया गठबंधन के लिए नए झटकों के साफ़ संकेत देते हैं। विपक्ष के दो दिग्गज नेता - पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एम. के. स्टालिन - हार गए हैं। जहां बंगाल में भाजपा की जीत ज़बरदस्त है, वहीं तमिलनाडु में, टीवीके के नए-नए राजनीति में आए तमिल फ़िल्म स्टार विजय द्रमुक राजनीति के चुनावी नक्शे में एक प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर उभरे हैं। उन्होंने सत्ताधारी द्रमुक को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है, जिससे तमिलनाडु की दो-ध्रुवीय राजनीति में तीसरी द्रविड़ पार्टी के आगमन का संकेत मिलता है।
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