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देश में मिलावटी खाद्य पदार्थो की बिक्री रोकने में अक्षम हैं सरकारें

एस एन वर्मा - 2026-09-17 15:21 UTC
मानसून के जाते ही अगले कुछ महीनों तक देश में त्योहारों का मौसम रहेगा। त्योहारों के दिनों में हमारे घरों एवं रसोइयों में मिठाइयों व विभिन्न तरह के स्वादिष्ट पकवानों की खुशबू भरी होती है। लेकिन ये रुचिकर व सुगंधित भोजन से उबकाई तब लगने लगती है जब यह पता चलता है कि ये सब मिलावटी व दूषित खाद्य पदार्थो से बने हुए हैं। मानवाधिकार आयोग के अनुसार देश के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ और रोगमुक्त जीवन जीने का अधिकार है लेकिन सरकार के ढिलमूल रवैये के कारण हमारे इस अधिकार का हनन हो रहा है।

ब्रिक्स सम्मेलन से हुई वैश्विक दक्षिण की आवाद बुलंद

युद्ध के खिलाफ और बहुध्रुवीय विश्व के पक्ष में ब्रिक्स
भाषा सिंह - 2026-09-17 12:12 UTC
भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में हुए ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन की गूंज क्या वर्ल्ड ऑर्डर में किसी बड़ी तब्दीली का संकेत दे रही है। सम्मेलन शुरू होने से पहले ही यह माना जा रहा था कि 11 सदस्य देश आपसी साझेदारी-व्यापार-अनुसंधान आदि पर सहमति तक पहुंचेंगे और अमेरिका के वर्चस्व को सीधी चुनौती देने से बचेंगे। लेकिन ब्रिक्स के देश इससे आगे युद्ध और अमेरिका के टैरिफ वार के खिलाफ कड़ा संदेश देने में सफल रहे।

मायावती की वापसी की योजना, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी कई बड़ी चुनौतियां

राज्य के दलितों तक पहुंचने की कोशिश करने वाली बसपा प्रमुख अकेली नहीं
कल्याणी शंकर - 2026-09-17 10:52 UTC
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हालात बदल रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, सक्रिय राजनीति से पांच साल के ब्रेक के बाद वापसी की उम्मीद कर रही हैं। भले ही वह पूरी सत्ता वापस पाने की कोशिश न करें, लेकिन उनकी मौजूदगी विरोधियों के वोट खींचकर चुनावों पर असर डाल सकती है।

अब बिल्कुल सामने आ गये हैं एआई के असली खतरे

भविष्य की अनिश्चितता को कम करने के लिए नियम बनाए जाएं
अंजन रॉय - 2026-09-16 12:44 UTC
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से इंसानों को होने वाले नुकसान को लेकर जताई जा रही चिंताएं बिल्कुल असली हैं। ये चिंताएं चार अलग-अलग स्तरों पर सामने आ रही हैं, हालांकि कभी-कभी डोनाल्ड ट्रंप जैसे कुछ भी जानकारी न रखने वाले लोग, और फिर सब कुछ जानने का दावा करने वाले लोग इन्हें नकार देते हैं।

दो कदम आगे: ब्रिक्स दिल्ली बैठक के बाद मोदी का कद बढ़ा

ट्रम्प से निपटने में भारत की मोल-भाव करने की ताकत बढ़ी
नित्य चक्रवर्ती - 2026-09-15 10:55 UTC
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में हुई 18वीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने भारत को वैश्विक दक्षिण में अपना खोया हुआ रुतबा वापस पाने में मदद की है। यह रुतबा 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही कम हो गया था। ठीक बारह साल बाद, उन्हीं नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की विस्तारित बैठक की मेजबानी की और अपनी कूटनीतिक कुशलता दिखाई। उन्होंने आम सहमति के आधार पर संयुक्त घोषणा-पत्र सुनिश्चित किया, ईरान और पश्चिम एशिया में परस्पर विरोधियों के बीच सुलह कराई, बिना अमेरिका का नाम लिए डोनाल्ड ट्रम्प को वैश्विक दक्षिण की ओर से उनके एकतरफा टैरिफ कदमों और व्यापार युद्ध पर कड़ा विरोध जताया, और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिसमें आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देने के साथ-साथ भारत की अहम सीमाओं पर भी जोर दिया गया।

डॉलर की नींव को बिना हिलाए उसे ब्रिक्स की चुनौती

डॉलर को ढांचागत बढ़त, पर स्थानीय मुद्राओं को लाभ
के रवींद्रन - 2026-09-14 11:10 UTC
डॉलर पर बहस में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ब्रिक्स अब एक साझा मुद्रा बनाने के राजनीतिक रूप से आकर्षक लेकिन आर्थिक रूप से मुश्किल विचार पर ध्यान नहीं दे रहा है। नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में ज़ोर ज़्यादा व्यावहारिक चीज़ों पर रहा है: सीमा-पार भुगतान को तेज़ और सस्ता बनाना, राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों को जोड़ना और व्यापार और निवेश के एक बड़े हिस्से का निपटान स्थानीय मुद्राओं में करने की अनुमति देना।

अन्तर विश्वविद्यालयी स्थानांतरण के पीछे भाजपा-आरएसएस की गहरी साज़िश

इस नीति से विचारों की विविधता पर निश्चित रूप से बुरा असर पड़ेगा
तीर्थंकर मित्रा - 2026-09-12 13:13 UTC
पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटीज़ एंड कॉलेजेज़ एडमिनिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 राज्य विधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र में पास हो गया है। इसका मकसद शिक्षकों और गैर-शिक्षकों स्थानांतरण के लिए एक नई प्रणाली लाना है।

ब्रिक्स का वैश्विक व्यवस्था पर असर और भारत की भूमिका

क्या ग्लोबल साउथ की ताकत बढ़ाएगा ब्रिक्स सम्मेलन
भाषा सिंह - 2026-09-11 12:21 UTC
भारत की अध्यक्षता में हो रहे 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का वर्ल्ड ऑर्डर पर क्या असर पड़ेगा? इस समय दुनिया भर में जिस तरह युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, ऐसे में इस शिखर सम्मेलन से क्या आस बंधती है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो मौजूदा तनावपूर्ण जियो-पॉलिटिकल परिदृश्य में बहुत अहम हो गए हैं। यह अपने आप में बहुत उल्लेखनीय है कि जिस समय अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर तेज हो रहा है और यूक्रेन व रूस के बीच संघर्ष जारी है, ऐसे में ईरान व रूस के राष्ट्रपति भारत आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से संवाद स्थापित कर रहे हैं। भू-राजनीति में ये मुलाकातें अमेरिका को बिल्कुल अलग संदेश देने वाली हैं।

ब्रिक्स की साझी मुद्रा के डालर की जगह लेने की अभी उम्मीद नहीं

डालर हटाने से भारत के बड़े व्यापार असंतुलन की समस्या नहीं सुलझेगी
आर. सूर्यमूर्ति - 2026-09-11 10:49 UTC
ब्रिक्स के साथ भारत का व्यापार बहुत तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन आंकड़े बहुध्रुवीय दुनिया और वैकल्पिक वित्तीय प्रणाली की बातों के पीछे एक चिंताजनक असंतुलन दिखता है।

भारत-चीन शिखर वार्ता से व्यापार बढ़ाने के मौके खुलेंगे

दोनों देशों के आपसी सहयोग से नई दिल्ली को आपूर्ति श्रृंखला का फ़ायदा
नित्य चक्रवर्ती - 2026-09-10 10:55 UTC
11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाली 18वीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाक़ात को लेकर काफ़ी उम्मीदें हैं। 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार 18.31 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड $151.1 अरब तक पहुंच गया है। हालांकि, नई दिल्ली में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान $112.16 अरब के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर कुछ चिंता भी है।
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