रणनीतिगत अंतरिक्ष क्षमता निजी क्षेत्र को सौंपना खतरनाक
अनचाहे हस्तांतरण के खिलाफ संस्थागत व्यवस्था की कमी चिंता की बात
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2026-08-27 11:17 UTC
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भविष्य पर बहस अब इस जानी-पहचानी बहस से बहुत आगे निकल गई है कि क्या निजी उपक्रमों को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में कोई भूमिका मिलनी चाहिए। निजी भागीदारी अब कोई मनगढ़ंत बात नहीं है। यह सरकार की नीति, जिसे कानून, विनियामक बदलाव, विदेशी निवेश उदारीकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्टार्ट-अप के बढ़ते इकोसिस्टम का समर्थन है। असली सवाल यह है कि क्या भारत इसरो के आस-पास एक बड़ी राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षमता बना रहा है या धीरे-धीरे सार्वजनिक क्षेत्र में बनाई गई क्षमता को इसरो से बाहर हस्तांतरित कर रहा है, बिना काफी मजबूत सुरक्षा उपाय बनाए।