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मक्का से बद्र तक : नए रक्षा गठजोड़ और भारत के सामने सवाल

अमेरिकी सुरक्षा छतरी से बाहर नए रास्ते तलाशती दुनिया
भाषा सिंह - 2026-10-23 11:23 UTC
दुनिया में नए रक्षा गठजोड़ बन रहे हैं। इनका मकसद केवल सैन्य ताकत बढ़ाना नहीं, बल्कि हथियारों के उत्पादन और तकनीक के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना भी है। 21 अक्टूबर को कतर की राजधानी दोहा में तुर्किये, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और कतर ने ‘बद्र समझौता ज्ञापन’ पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत चारों देश मिलकर सैन्य उपकरण बनाएंगे, तकनीक साझा करेंगे और रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। इससे पहले अगस्त में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच मक्का में सामूहिक रक्षा समझौता हुआ था। दोनों समझौतों में तुर्किये और पाकिस्तान शामिल हैं। सवाल है कि इन नए गठजोड़ों का भारत और विश्व राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

मार्को रुबियो, मुकेश अंबानी, एलन मस्क और गौतम अडानी

वैश्विक कॉर्पोरेट हितों के मिलन और टकराव की एक कहानी
नित्य चक्रवर्ती - 2026-10-23 11:19 UTC
इस हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और मुकेश अंबानी तथा गौतम अडानी सहित भारतीय कॉर्पोरेट दिग्गजों के साथ उनकी बातचीत ने देश के कारोबारी हलकों और वैश्विक राजनयिकों के बीच काफी दिलचस्पी पैदा कर दी है। इसके दो पहलू हैं। पहला, रुबियो ने अपनी यात्रा के दौरान जामनगर को प्राथमिकता दी और तेल रिफाइनिंग तथा अमेरिकी कंपनियों और रिलायंस समूह के बीच भविष्य के सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। दूसरा, भले ही उन्होंने मुकेश अंबानी से ऐसे समय में मुलाकात की जब एलन मस्क, मुकेश के खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहे थे, लेकिन रुबियो ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और स्पष्ट रूप से अंबानी समूह के प्रति अपना समर्थन जताया।

ड्रग का मुद्दा पंजाब में भाजपा का एक संभावित चुनावी हथियार

चुनावों से पहले अमित शाह साध रहे सीएम भगवंत मान पर निशाना
जग मोहन ठाकन - 2026-10-22 11:20 UTC
चंडीगढ़: नशे के मुद्दे ने चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्म कर दिया है। विधानसभा चुनाव सिर पर देख सभी राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में लहर बनाने की कोशिश कर रहे हैं और नशे के जड़-जाल के कारण मौजूदा बिगड़े हालात के लिए एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

टीवीके के इंडिया ब्लॉक में शामिल होने से तमिलनाडु राजनीति की बदलती तस्वीर

अपने कार्यक्रम को लेकर सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं मुख्य मंत्री जोसेफ विजय
कल्याणी शंकर - 2026-10-21 10:36 UTC
तमिलनाडु की राजनीति में नए लगभग पांच महीने पुराने मुख्य मंत्री जोसेफ विजय और उनकी पार्टी टीवीके पिछले दिनों कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक विपक्षी गठबंधन में शामिल हो गए हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल रही है। उनके पहले पूर्व मुख्य मंत्री एम के स्टालिन इंडिया ब्लॉक के एक अहम सदस्य थे, लेकिन 2026 के विधान सभा चुनाव के बाद उन्होंने गठबंधन छोड़ दिया है। विजय फिल्म उद्योग से एक नए खिलाड़ी के तौर पर राजनीति सीख रहे हैं।

मताधिकार से वंचित करने के खिलाफ उठ रहे विरोध से डरी हुई भाजपा

सीईसी के खिलाफ आंदोलन ने किया पार्टी की गहरी राजनीतिक बेचैनी को उजागर
के. रवींद्रन - 2026-10-19 10:22 UTC
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे आंदोलन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का लगातार आक्रामक होता रुख एक ऐसी राजनीतिक बेचैनी को दर्शाता है, जिसे छिपाने में पार्टी के नेता संघर्ष कर रहे हैं। आत्मविश्वास के दिखावे, विपक्ष की साजिशों के आरोपों और सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों की चेतावनियों के पीछे एक असहज सच्चाई छिपी है: एक ऐसा आंदोलन, जो स्थापित राजनीतिक व्यवस्था के बाहर शुरू हुआ, वह चुनावी वैधता के बुनियादी सवाल पर सत्ताधारी पार्टी को चुनौती दे रहा है। जंतर-मंतर पर लोगों का भारी जमावड़ा और पुलिस की पाबंदियों के बावजूद 'कॉकरोच जनता पार्टी' का अपने अभियान को जारी रखने का दृढ़ संकल्प—इन सबने मिलकर उस विरोध-प्रदर्शन को, जिसे भाजपा शुरू में आसानी से संभाले जा सकने वाला मामला मान रही थी, एक गंभीर राजनीतिक टकराव में बदल दिया है।

कोलकाता में सामुदायिक दुर्गा पूजा और राजनीति

भाजपा ने टीएमसी को हटाकर कर लिया अपना नियंत्रण
तीर्थंकर मित्रा - 2026-10-17 11:27 UTC
कोलकाता: एक समय था जब बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार, दुर्गा पूजा, ज़मींदारों और बड़े व्यापारियों के पुश्तैनी घरों में मनाई जाती थी। इन लोगों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेवा करके काफी धन कमाया था और वे पूजा के इस मौके का इस्तेमाल अपने विदेशी आकाओं को खुश करने के लिए करते थे। बाद के वर्षों में, कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने खुद को सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजनों से जोड़ लिया, जहां पारिवारिक आयोजनों की तुलना में कहीं ज़्यादा लोग आते थे।

यमन संघर्ष में ईरान की मध्यस्थता का दांव

यमन की जंग से पश्चिम एशिया में गहराता संकट
भाषा सिंह - 2026-10-16 11:17 UTC
खाड़ी में अशांति के बादल एक बार फिर मंडरा रहे हैं। इस बार इसका केंद्र यमन का अंदरूनी सत्ता संघर्ष है। इसकी आंच सऊदी अरब तक पहुंची, जहां हूती विद्रोहियों के हवाई अड्डों पर हमलों में एक भारतीय समेत कई लोगों की जान गई। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने राजधानी सना सहित हूतियों के कब्जे वाले इलाकों में हवाई हमले किए हैं। इससे संघर्ष के व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप को रोकने के लिए ईरान ने मध्यस्थता का दांव चला है। उसका कहना है कि खाड़ी का मामला आपस में सुलझाया जाना चाहिए, बाहरी शक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाए।

फिनिश लाइन से आगे : दिल्ली हाफ मैराथन के 21 साल

दिल्ली हाफ मैराथन: दौड़, फिटनेस और सामाजिक बदलाव
राजु कुमार - 2026-10-16 11:14 UTC
पिछले कुछ वर्षों में भारत में दौड़ने के प्रति लोगों का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। सुबह सड़कों और पार्कों में दौड़ते लोगों से लेकर विभिन्न शहरों में होने वाली मैराथन प्रतियोगिताओं तक, इसकी झलक दिखाई देती है। दौड़ना अब केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों की फिटनेस और जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। इस बदलाव में बड़े रनिंग आयोजनों की भी भूमिका रही है। इन्हीं में एक है दिल्ली हाफ मैराथन, जो अपने 21वें संस्करण तक आते-आते अंतरराष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिता से आगे बढ़कर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन, परोपकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे सरोकारों से जुड़ चुकी है।

दवा बिक्री के गलत तरीकों पर सर्वोच्च न्यायालय का आदेश स्वागत योग्य

जनता की भलाई के लिए दवाओं की सही कीमतें सुनिश्चित करनी ही होंगी
डॉ. अरुण मित्रा - 2026-10-16 10:43 UTC
स्वास्थ्य क्षेत्र में गलत मार्केटिंग तरीकों के बारे में फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया सर्वोच्च न्यायालय का आदेश एक स्वागत योग्य है। अदालत ने केंद्र सरकार से एक समिति गठित करने को कहा है जो डॉक्टरों को मुफ्त में दवा देने वाली कंपनियों के तरीकों पर रोक लगाने के उपायों की जांच करे। वह समिति प्रतिवेदन पर विचार करेगी और चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों को उपहार और दूसरे फायदे देने सहित गलत दवा प्रोत्साहन के तरीकों को रोकने के उपायों की सिफारिश करेगी।

पर्यावरण संरक्षण व मौसम पूर्वानुमान में एआई की चमत्कारी भूमिका

एस एन वर्मा - 2026-10-15 14:53 UTC
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में एक शक्तिशाली टूल बनकर उभरा है। एआई कंप्यूटरों को डेटा से सीखने और मनुष्यों की तरह निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। एआई प्रणालियां जलवायु से संबंधित डेटा का विश्लेषण करती हैं और बेहतर जलवायु मॉडलिंग, अक्षय ऊर्जा उत्पादन, कृषि के समाधान और आपदा प्रबंधन के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करती हैं। जमीनी स्तर पर, एआई-आधारित मौसम पूर्वानुमान अब लगभग सभी गांवों तक पहुंच चुका है। ग्राम पंचायत-स्तरीय कवरेज के साथ, भारत फोरकास्टिंग सिस्टम अब 6 किलोमीटर के हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले सटीक पूर्वानुमान प्रदान करता है। एआई समुद्र के जलस्तर में वृद्धि की निगरानी और एडवांस्ड ड्वोरक तकनीक के माध्यम से चक्रवात के पूर्वानुमानों में सुधार करके जलवायु जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ कर रहा है।
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