कोयला से गैस बनाने की प्रोत्साहन योजना समुचित कदम
मौजूदा ऊर्जा संकट के कारण तेल आयात में कमी अपरिहार्य
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2026-05-15 10:31 UTC
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कोयला और लिग्नाइट से गैस बनाने के लिए ₹37,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी देने को न तो केवल एक औद्योगिक सब्सिडी के तौर पर देखा जाना चाहिए, और न ही इसे भारत की कोयला अर्थव्यवस्था को एक अलग तकनीकी शब्दावली के तहत पुनर्जीवित करने का महज़ एक और प्रयास समझना चाहिए। बल्कि, इसे भारत के आर्थिक-सुरक्षा सिद्धांत के एक कहीं अधिक व्यापक और तेज़ी से उभरते पुनर्गठन के हिस्से के रूप में समझा जाना चाहिए। इस पुनर्गठन में राष्ट्रीय नीति में ऊर्जा-लचीलापन, आयात-प्रतिस्थापन, राजकोषीय-रूढ़िवादिता और भू-राजनीतिक जोखिम-प्रबंधन जैसे तत्व शामिल हो रहे हैं।